"मेरी शादी नहीं हो रही, मेरी नाक बहुत छोटी है उससे मुझमें हीनता की भावना आ रही है. मुझे लगता है नाक मेरी मर्दानगी की निशानी है और कोई लड़की मेरी तरफ कभी प्यार से नहीं देखेगी. मैं आत्महत्या की सोच रहा हूँ, अगर आप मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं देंगी तो मेरे पास कोई और चारा नहीं होगा सिवाय इसके कि मैं कुतुब मीनार से कूद जाऊँ."
इसका उत्तर मिलता है, "शादी बहुत झंझट की चीज़ है, आप शुक्र कीजिये कि आप इससे बचे हुए हैं. मुझसे ज़्यादा कौन जान सकता है, इसके बारे में? मेरे पहले ही दो तलाक हो चुके हैं और तीसरे की तैयारी में हूँ. अगर फिर भी आप आत्महत्या की सोचें तो मेरी सलाह होगी कि आप कुतुब मीनार के बारे में भूल जाईये. एक तो उसका टिकट बहुत महँगा है और दूसरे वहाँ से गिरने पर मरने की भी कोई गारंटी नहीं है."
खैर हमने कहाँ सोचा था कि एक दिन हमें भी दुखियारी मौसी बनने का मौका मिलेगा, पर पिछले कुछ महीनों से ऐसा ही हो रहा है. अपने इतालवी के "कल्पना" के अतंरजाल पृष्ठों की वजह से बहुत से इतालवी लोग हमें भारत विषेशज्ञ समझते हैं और प्रश्न पूछते हैं.
एक युवती को इंदौर के एक लड़के से प्यार हो गया है तो वह पूछतीं हैं कि भारत यात्रा के समय अपनी होने वाली सास ससुर के लिए क्या तौहफा ले जा सकती हैं ?
एक और यवती कहतीं हैं कि उनके एक भारतीय मित्र ने उन्हें अपने विवाह में बुलाया है, पर वह उसके घर पर नहीं ठहरना चाहती, तो पूछती हैं कि अगर वह मित्र को स्पष्ट कह दूँ तो क्या वह बुरा मान जायेगा ?
एक और युवती पूछतीं हैं कि उन्हें सत्यजित राय की फिल्मों में दिलचस्पी है, वह इन फिल्मों की इतालवी सबटाईटल्स वाली डीवीडी कहाँ से पा सकती हैं ?
आप ने गौर किया होगा कि यह सब प्रश्न युवतियाँ ही पूछती हैं, अभी तक कोई पुरुष कोई सवाल ले कर नहीं आया है. सोच रहा हूँ कि अपना एक अस्सिटेंट रखूँ, जो सब बातों के ठीक ठीक उत्तर ढ़ूँढ़ेगा.
****
आज जून के बोलोनिया के ग्रीष्म फैस्टीवल से दो तस्वीरें: