शुक्रवार, मई 12, 2006

काने काका

दवा लेने के लिए हाथ बढ़ाया था, वहीं रुक गया. प्रतिदिन शाम को खाने के साथ रक्तचाप की दवा की आधी गोली लेनी होती है, कुछ साल हो गये, इस दवा को लेते पर दवा के नाम के अर्थ के बारे में पहले नहीं सोचा था.

दवा का नाम है "अंतकाल". सोचिये कि आप केमिस्ट की दुकान पर जाते हैं और माँगते हैं, "भाई एक पत्ता अंतकाल का दे दो". यह कैसा बेतुका नाम हुआ, सोचा. यह तो अच्छा है कि मैं वहमी या अंधविश्वासी नहीं, वरना तो इसे ऊपरवाले की चेतावनी देने का तरीका सोचता. इस दवा का काम है रक्त में केल्शियम के अणुओं का विरोध करे और उस तरह से "एन्टी केल्शियम" का सोच कर नाम अँग्रेजी में "एन्टकेल" ठीक ही बनता है, फर्क आता है इतालवी भाषा के उच्चारण से, जो उसे "अंतकाल " बना देता है.

बस यहाँ से सोचना शुरु हुआ तो सोचने लगा और कौन से शब्द हैं जिनका इतालवी में कुछ अर्थ बनता है और हिंदी में कुछ और.

इस शब्दयात्रा का प्रारम्भ करते हैं, मेरे बचपन के प्रिय मित्र राहुल से, जिसका घर का नाम था काका. और लोगों के लिए चाहे वो राहुल हो या कुछ और, मेरे लिए तो वह काका था. इटली में आ कर जब भी मैं अपने मित्र काके की कोई बात करता तो लोग मुझे अजीब सा देखते. फ़िर पत्नी ने समझाया किसी को काका बुलाना ठीक नहीं, जब उसका नाम राहुल है तो तुम उसे राहुल ही बुलाओ. काका इतालवी में पाखाने को कहते हैं.

इस शब्द यात्रा का दूसरा शब्द है, "कमीना". यहाँ आ कर कई बार लोगों को एक दूसरे को कमीना कहते सुना तो थोड़ा सा अचरज हुआ. कमीना शब्द बनता है संज्ञा "कम्मीनारे" से जिसका अर्थ है चलना. मैं कमिनो, तुम कमीनी, हम कम्मिनाआमो, वह कमीना, तुम सब कमीनाते, वे सब कम्मीनानो. किसी को चलने के लिए कहना हो तो बोलिए, कमीना.

इस यात्रा का तीसरा शब्द है काने, यानि कुत्ता. यह तो आप की मर्जी है कि आप अपने आप को काने कहलाना पसंद करेंगे या कुत्ता ?

मेरे दफ्तर में मेरे साथ काम करती थीं, श्रीमति मारा. मारा शब्द बनता है "मारे" से, यानि समुद्र और "मारा" का अर्थ हुआ समुद्र+कन्या. मैं मारा से कई बार कहता, "मारा तुझे किसने मारा ?", वह नाराज हो जाती, कहती, जाने कौन सी भाषा में मुझे गाली देता है!

यह बात नहीं कि ऐसे शब्दों के अर्थ केवल बुरे ही होते हैं. एक अच्छा शब्द है काँता जिसका इतालवी में अर्थ है "गीत गाना".

और आज की तस्वीरें हैं जलपक्षियों की - बतख और लाल इबिस



अंत में एक समाचार कल्पना के बारे में. लाल्टू जी के सौजन्य से अब कल्पना पर हिंदी दैनिक जनसत्ता के संपादक ओम थानवी के कुछ लेख उपलब्ध हैं.

4 टिप्‍पणियां:

  1. सुनील जी हम तो आपसे कहेंगे:
    कान्ता कन नोई,(Canta con noi)
    मेलिओ अ पोई....(meglio a poi..

    क से प्रारम्भ होने वाला एक बहुत प्रचलित शब्द है 'कात्सो' जब मै बहुत दिनो तक इस शब्द को सुनता रहा और शब्द्कोष मे भी ये नही मिला तो एक दिन मैने पूछ ही लिया कातिया से, लेकिन बताया 'दियेगो' ने जो वही पर था और मेरे इस प्रश्न पर कातिया से बोलते नही बन रहा था तब।
    बाद मे देखा तो wordreference.com पर इस शब्द का अर्थ उपलब्ध है।

    मै इसकी वर्तनी नही लिख रहा हूं जिससे कोई हमारे बारे मे ऐसा वैसा न सोचे।

    सुनील जी क्या आप कुछ कहना चाहेन्गे?

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  2. आम तौर पर गुजरात में आपसे बड़ी उम्र के पुरुषों को "काका" काने का रिवाज है परन्तु अगर यही "काका" शब्द पंजाब में जाकर अपने से बड़ी उम्र के पुरुष को कहा जाये तो शायद वह गुस्सा हो जायेगा।

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  3. अब समझ में आया मेरा एक डच मित्र फोन उठाते ही सल्ली कमीनी क्यों कहता था

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  4. Sunilji,
    Is there a way we can request indian express to put jansatta paper online.

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"जो न कह सके" पर आने के लिए एवं आप की टिप्पणी के लिए धन्यवाद.

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