सुनील दीपक के उपन्यास
1. देवी-प्रतिमा के रक्षक
यह एक एक्शन-रोमाँच-फैंतासी किस्म का लघु उपन्यास है जो किशोर और नवजवान पाठकों को ध्यान में रख कर लिखा गया है। 19 मार्च 2026 से यह प्रतिलिपि-हिंदी पर उपलब्ध है।जासूसी उपन्यास, जेम्स बॉन्ड किस्म का कथानक लिखने की बहुत सालों से मेरी इच्छा थी। वह सपना मैंने इस उपन्यास में पूरा किया है। इसके दो नायक है - एक जापानी याकूज़ा (खूनी) ताकानोरी ओकामा जो दक्षिण कोरिया के एक बुद्ध भिक्षुक की गुप्त-शक्ति वाली प्रतिमा को खोज रहे हैं और उनकी तलाश में भारत आते हैं। दूसरे हैं त्रिनेत्र, जिन्हें उन्हीं भिक्षुक ने बेटे की तरह पाला है। यह उपन्यास उत्तर-पूर्वी भारत में केन्द्रित है।
इस उपन्यास के बारे में इस ब्लाग पर आप मेरे यह आलेख भी पढ़ सकते हैं:
एक नया फैंतासी उपन्यास (20 मार्च 2026)
2. मेरे अन्य उपन्यास
मेरे दो अन्य सामाजिक-पारिवारिक उपन्यास तैयार हैं, अगले महीनों में यह भी पाठकों के लिए उपलब्ध हो जायेंगे।
उनके अतिरिक्त, मैं आजकल साईन्स-फिक्शन यानि वैज्ञानिक-कल्पना का उपन्यास लिख रहा हूँ। इस पृष्ठ पर आप को उन सबकी सूचना मिलेगी।

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"जो न कह सके" के आलेख पढ़ने एवं टिप्पणी के लिए डॉ. सुनील दीपक की ओर से आप का हार्दिक धन्यवाद.