अब तक की कहानी: ताकानोरी जामुन बाबा को खोज रहा है, वह उनकी मूर्ति चाहता है। उससे बचने के लिए बाबा समाधी ले लेते हैं। ताकानोरी उनकी समाधी को खोदने की कोशिश करता है लेकिन सफल नहीं होता। उधर, बाबा का शिष्य त्रिनेत्र पाँच गुप्त-शक्ति वाले बच्चों और आभा के साथ मजूली पहुँचा है। त्री, रंगा और गार्गी बाबा के आश्रम आते हैं। पीछे से ताकानोरी आभा, वसंत और तृप्ति को उठा कर नारायणपुर ले जा रहा है। इसके आगे पढ़िये ...
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अध्याय 19
मजूली से नारायणपुर, असम, 4 मार्च 2026
ताकानोरी ने जून-मिन की समाधी लेने की खबर तुरंत रिकू को दी थी और उसने उसे ऐसे डाँटा था मानो इसमें उसकी कोई गलती हो। एक पल के लिए ओरी को बहुत गुस्सा आया था, फ़िर उसने अपने आप को समझाया कि वह यह काम रिकू के लिए नहीं, बल्कि उसके दादा जी के लिए कर रहा है और जब तक वह कोई काम करेगा, उसका धर्म है उसे पूरे मन और निष्ठा से करना। अगर वह रिकू से बदला लेने के लिए दादा जी से विश्वासघात करेगा तो वह अपने आप को समुराई नहीं मान सकता, सचमुच अधर्मी याकूज़ा बन जायेगा।
उसने अपने गुस्से को दबा कर, त्रिनेत्र के बारे में सोचा था कि वह उसे कैसे खोजे। जून-मिन और उसके शिष्य का मामला उतना साफ नहीं था जितना वह दोनों दिखाने की कोशिश कर रहे थे। जिस तरह से वीडियो में दिखता था कि जून-मिन एक बक्से में बंद हो कर, धरती के गर्भ में दबाया गया था, उसका मतलब था कि वह मर गया होगा। लेकिन वह इतनी आसानी से क्यों मरेगा? इसमें अवश्य कोई धोखा है। तीस वर्षों से लापता व्यक्ति, एक अन्वेषण-किरण को महसूस करके, उसी दिन समाधी ले कर आत्महत्या कर ले, क्यों? यह कोई संयोग नहीं लगता, इसके पीछे अवश्य उनकी कुछ चाल है।
जून-मिन के शिष्य की प्रतीक्षा करने, वह सुबह ही जीप ले कर कमलाबाड़ी आ गया था। उसने अपनी जीप फैरी घाट से कुछ दूर, घरों के पीछे छुपा कर खड़ी की और वहाँ से अन्वेषण-किरण से हर आने वाली फैरी की जाँच करने लगा। आखिर में, दोपहर में उसने शक्ति-लहरें आने वाली फैरी से नहीं बल्कि कमलाबाड़ी के पूर्व में एक मैदान से आती हुई महसूस कीं। उसने तुरंत अपने नये ड्राईवर से उधर जाने के लिए कहा।
दस मिनट में उनकी जीप उस मैदान में पहुँच गई जहाँ से शक्ति-लहरें महसूस हो रहीं थीं। वहाँ जून-मिन के शिष्य की जगह पर एक युवती और दो बच्चे को पक्षियों के बीच में खेलते हुए देख कर उसे अचरज हुआ। उसने अपने गुँडों से उन तीनों को उठा कर कार में लाने के लिए कहा और वे सब तुरंत वहाँ से भाग निकले। उन्होंने फैरी ली और पहले वह लोग मरियानी की ओर गये और वहाँ से वह जीप में नारायणपुर की ओर निकले।
ओरी ने सोचा कि वह तीनों अवश्य ही त्रिनेत्र के साथी हैं, नहीं तो इतने सारे शक्तिवान लोग वहाँ पर क्यों एकत्रित हो गये थे? वह यह सोच कर खुश हो रहा है कि अब त्रिनेत्र उससे नहीं बच पायेगा, उस युवती और उन बच्चों को बचाने वह अपने आप उसके पास आयेगा।
वह सबसे पीछे वाली सीट पर आभा के साथ बैठा था। उनके आगे वाली सीट पर दोनों बच्चे और एक गुँडा बैठे थे। साथ में उनका नया ड्राईवर और एक अन्य गुँडा था। रिकू ने उसके लिए इन नये गुँडों का प्रबंध किया था।
रास्ते में उसने फ़िर से आभा के दिमाग में खोजा। वह भी तुरंत समझ गयी कि वह उसके दिमाग में घुस रहा है, क्योंकि उसे इस शक्ति का ठीक से प्रयोग करना नहीं आता था। गार्गी जब उसके दिमाग में झाँकती थी तो ऐसा महसूस होता था मानो किसी ने प्यार से सहलाया हो। जबकि ओरी का दिमाग में घुसना हथौड़े मारने जैसा था। आभा ने ओरी को रोकने की कोशिश की, लेकिन नहीं रोक पायी और वह समझ गया कि त्रिनेत्र कहीं बाहर गया है।
उसने वसंत और तृप्ति के दिमाग खंगालने की भी कोशिश की लेकिन वहाँ से उसे कुछ नयी जानकारी नहीं मिली। उस लड़के के दिमाग में उसे हर ओर घने जंगल और पेड़ दिखे, जैसे वहाँ पर हरे रंग का समुद्र हो जिसमें कुछ भी देखना या खोजना असम्भव था। बच्ची की शक्ति ठीक से विकसित नहीं हुई थी लेकिन वहाँ से उसे त्रिनेत्र की कुछ छवियाँ मिलीं। इस जाँच के बाद उसने सोचा कि शायद आभा त्रिनेत्र की पत्नी है और वह दोनों उनके बच्चे हैं।
उनके दिमागों की इस जाँच से वह जल्दी ही थक गया और उसने उनसे अन्य प्रश्न नहीं किये, सोचा कि नारायणपुर में घर पहुँच कर ठीक से पूछताछ करेगा और फ़िर त्रिनेत्र को पकड़ने का प्लैन बनायेगा। वह तीनों भी कार में चुपचाप बैठे थे, पर आभा उसके गुदे हुए शरीर के रंग-बिरंगे टैटू को कौतूहल से देख रही थी। वह उनके बारे में जानना चाहती थी, अंत में वह अपने आप को नहीं रोक पायी, पूछा, “तुम्हारे सारे शरीर पर यह चित्र क्यों बने हैं?”
ओरी को अपने टैटू वाले त्वचा-चित्रों पर बहुत गर्व है, बोला, “इन्हें जापानी में इरेज़ूमी कहते हैं। यह सामान्य टैटू नहीं हैं जो मशीन से बनाते हैं, मैंने इन्हें पाराम्परिक विधि से गुदवाया है, जिसमें दर्द सहना पड़ता है”, उसने अपनी कमीज़ के बटन खोल खोल कर अपनी छाती और कँधे दिखाये, वह सारा हिस्सा उन रंगीन टैटू-चित्रों से ढका था। वह मुस्करा कर बोला, "मेरी पीठ, छाती, पेट, जाँघें, मेरे शरीर की हर जगह चित्रित है।"
वह मोर की तरह ऐसे इतरा रहा था कि आभा को हँसी आने लगी, उसे छुपाने के लिए वह खिड़की से बाहर देखने लगी। कुछ देर बाद ओरी ने पूछा, “क्या तुम त्रिनेत्र की पत्नि हो?”
जब उसने उत्तर नहीं दिया तो ओरी ने उसकी कलाई को पकड़ लिया और दबाते हुए बोला, "जब तुमसे कुछ पूछूँ तो मुझे उसका जवाब तुरंत चाहिये, समझी?"
उस समय उनकी जीप एक रैड लाईट पर रुकी हुई थी। उसके दबाने से आभा की कलाई में पीड़ा हुई तो वह बोली, “मेरा हाथ छोड़िये, मुझे दर्द हो रहा है।"
सड़क के किनारे एक साँड घास चर रहा था, शायद उसने आभा के दिमाग की पीड़ा-लहर को महसूस किया तो वह अचानक जैसे नींद से जागा और सिर उठा कर उनकी जीप की ओर भागा आया। ड्राईवर ने अपने साथ वाली खिड़की खुली रखी हुई थी, साँड ने वहीं से उस पर हमला किया और खिड़की से सीर जीप के भीतर घुसा कर मारा। यह सब कुछ इतना अचानक हुआ कि किसी को समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है।
ओरी ने तुरंत आभा की ओर देखा, उसने महसूस किया कि आभा की शक्ति-लहरें उत्तेजित हो कर उसके सिर के आसपास मँडरा रही हैं, तो उसने तुरंत उसकी कलाई छोड दी। वह समझ गया कि उस साँड का हमला आभा की वजह से हुआ है, वह चिल्लाया, “रोको उसे, ऐसे मत करो।" लेकिन आभा को कुछ समझ नहीं आया।
सीट के पीछे ओरी की तलवार रखी थी, उसके बिना वह कहीं नहीं जाता था। उसने उसे उठाया, उसमें से तलवार बाहर निकाली, पीछे वाला दरवाज़ा खोल कर जीप से उतरा और सीधा साँड की गर्दन पर वार किया। साँड की गर्दन से खून निकला तो शायद आभा को उस जन्तु का दर्द महसूस हुआ और उसकी शक्ति-लहर शाँत हो गयी। जब उसके और साँड के बीच का तार टूट गया तो वह वहाँ से भाग गया।
ताकानोरी ने अपने ड्राईवर को देखा कि साँड के सींग से उसके माथे पर बड़े घाव बन गये थे और खून से उसके चेहरा, गर्दन और कमीज लाल हो रहे थे। उसने ड्राईवर को अपना रुमाल निकाल कर दिया, कहा कि उसे अपने माथे पर खून रोकने के लिए दबा कर रखे।
उसके गुँडों ने पास के डॉक्टर का पता पूछा और घायल ड्राईवर को वहाँ ले गये। उसके उपचार में समय लगना था, उन्होंने उसे वहीं छोड दिया और ओरी ने दूसरे आदमी से गाड़ी चलाने के लिए कहा। तब तक अँधेरा होने लगा था।
उसने आभा से पूछा, “तुमने उस जानवर से हमारी जीप पर हमला क्यों करवाया?”
“मैंने जानबूझ कर कुछ नहीं किया, तुमने मेरी कलाई को ज़ोर से दबाया था, तो मुझे दर्द हो रहा था, इसलिए वह मुझे बचाने आया।"
अचानक ओरी ने हाथ बढ़ा कर अगली सीट पर बैठे वसंत के सिर के बाल पकड़ कर खींचे, तो वह दर्द से चिल्लाया, लेकिन उसने उसके बालों को नहीं छोड़ा, बोला, “तुम झूठ बोल रही हो। मुझे ठीक से उत्तर नहीं दोगी तो तुम्हारे बेटे का गला काट दूँगा।"
आभा घबरा कर चिल्लाई, “छोड़ो उसे, उसने कुछ नहीं किया। मैंने तुम्हें कहा है कि मैंने जानबूझ कर कुछ नहीं किया।"
उस समय उनके साथ में सड़क पर एक बैलगाड़ी जा रही थी। जब वह चिल्लायी तो अचानक उसका बैल उनकी जीप की ओर घूम कर आगे आने लगा। ताकानोरी ने उसे देखते ही घबरा कर वसंत के बालों को छोड़ दिया और ड्राईवर से बोला, "जीप को तेजी से आगे निकाल लो, नहीं तो वह बैल हम पर हमला करेगा।"
ड्राईवर तुरंत तेज़ चला कर जीप को आगे ले गया। बैल के साथ बैलगाड़ी भी थी, वह उनका पीछा नहीं कर पाया।
ओरी कुछ शाँत हुआ तो उसने आभा के दिमाग के भीतर दोबारा झाँका, तो महसूस किया कि वहाँ पर उथल-पुथल मची है, शक्ति को केन्द्रित करके चलाने के लिए जो एकाग्रता और ध्यान चाहिये, वहाँ वैसा नहीं है। वह बोला, “तुम्हें अपनी शक्ति पर ठीक से काबू करना नहीं आता, क्यों? त्रिनेत्र ने तुम्हें यह शिक्षा नहीं दी?”
आभा बोली, “मैं उसे ठीक से नहीं जानती। वह मेरा गुरु नहीं है, वह एक अनाथाश्रम चलाता है और मैं उसके मित्र की बहन हूँ, विधवा हूँ।"
“उसका अनाथाश्रम कहाँ है?”
आभा को समझ नहीं आया कि क्या कहे। अगर वह उसे गँगटोक कहेगी तो वह वहाँ उनके अनाथाश्रम पर हमला कर सकता है, बोली, “वह मणिपुर में है, यहाँ से करीब आठ सौ किलोमीटर दूर है।"
ओरी ने तुरंत उसके दिमाग में झाँका तो उसे वहाँ अनाथाश्रम की बिल्डिंग दिखी, जिसके आसपास खेत और पहाड़ थे। उसे लगा कि आभा ने उसे जगह का नाम सही नहीं बताया है, लेकिन उसे समझ नहीं आया कि वह उससे वहाँ का सही नाम कैसे जान सकता है? उसने पूछा, “और यह दोनों बच्चे? यह किसके हैं?”
“यह दोनों भी अनाथ हैं", वह बोली।
ताकानोरी सोच में डूब गया। आभा के पास शक्ति है, और उन दोनों बच्चों में भी शक्ति है। शक्ति वाले इतने लोग एक जगह पर, एक साथ इकट्ठे कैसे हो गये? जापान में जब वह बड़ा हो रहा था तब यामागुचि सान के पास वह अकेला शक्ति वाला बच्चा था।
वह जानता है कि जून-मिन की मूर्ति से बच्चों की गुप्त-शक्ति विकसित होती है। शायद वह मूर्ति त्रिनेत्र के पास है, और उसकी मदद से ही उसने इन सब की शक्तियों को विकसित किया है?
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