शनिवार, जून 25, 2005

वापस बोलोनिया

छुट्टियाँ खत्म हो गयीं और हम सब वापस बोलोनिया में घर वापस आ गये हैं।

घर आ कर अज़ीब लग रहा है, बिबियोने वाले घर की आदत पड़ गयी थी। यहाँ गरमी भी है और उमस भी इतनी कि जी घबरा जाये। बिबियोने मे समय का अहसास ही मिट गया था, चाहे जितने बजे उठो, चाहे जितने बजे खाना खाओ, कुछ काम नहीं था, बस सैर, तैरना, सोना और देर तक अखबार पढ़ना।

घर वापस आ कर कुछ अज़ीब लगता है, फ़िर से वही घड़ी की तानाशाही और भागम-भाग.

घर वापस आ कर टेलीफ़ोन की आन्सरिंग मशीन पर अंजोर और मिन्नी दीदी का मैसेज है, मिन्नी दीदी आजकल अमरीका में हैं।

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