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रविवार, सितंबर 20, 2026

पूरा उपन्यास पढ़िये - देवी प्रतिमा के रक्षक

उपन्यास ब्लॉग पर पढ़िये या डाउनलोड करिये 

मेरा छोटा सा फैंतासी उपन्यास "देवी प्रतिमा के रक्षक" बच्चों, किशोरों और "उम्र चाहे कुछ भी हो, मन किशोर है" सोचने वालों के लिए लिखा गया है। आप इस लघु उपन्यास को यहाँ इस ब्लॉग पर पूरा फ्री पढ़ और भिन्न फॉरमैट (पीडीएफ, मोबी तथा इपब) में डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आप को डाउनलोड करने में कठिनाई है तो मुझे ईमेल लिखें - sunil@kalpana.it 


उपन्यास के बारे में 

उपन्यास के नायक हैं त्री यानि त्रिनेत्र जो सिक्किम में गंगटोक के पास एक अनाथाश्रम चलाते हैं, और इसके नायक-खलनायक हैं एक जापानी युवक ताकानोरी, जो हिन्दुस्तान में एक विशेष देवी प्रतिमा की तलाश में आये हैं।

उपन्यास के अन्य मुख्य पात्र है - जामुन बाबा यानि कोरिया से आये बौद्ध भिक्षुक जून मिन, मणिपुर की आभा जिसमें जीव-जन्तुओं को आकर्षित करने की शक्ति है, और पाँच बच्चे - रंगनाथ, गार्गी, वसंत, माधव और तृप्ति। हर बच्चे के पास भी एक गुप्त शक्ति है। 

यह सब मिल कर तिरंगा योद्धा कहलाते हैं और वह अपनी शक्तियों की मदद से निर्बल और सताये हुए लोगों की सहायता करते हैं।

इस उपन्यास के कुल 31 अध्याय हैं। (डाउनलोड के लिए नीचे जायें)

"देवी प्रतिमा के रक्षक" पढ़िये

(अध्याय पर क्लिक कीजिये) 

अध्याय 01  -  विष्णुपुर में जामुन बाबा त्रिनेत्र को उसके बचपन की बात बताते हैं और उसे घर छोड़ कर जाने के लिए कहते हैं

अध्याय 02 -  रिकू यामागुचि अपने याकूज़ा-खूनी ताकानोरी को मूर्ति लाने हिन्दुस्तान जाने के लिए कहता है 

अध्याय 03 -  जामुन बाबा भेस बदल कर नारायणपुर जाते हैं जहाँ उन्हें ताकानोरी की अन्वेषण किरण शक्ति का आभास मिलता है

अध्याय 04 -  बाबा को खोजने ताकानोरी अपने आदमियों को ले कर जाता है लेकिन बाबा उसे नहीं मिलते 

अध्याय 05 -  नारायणपुर से लौट कर बाबा त्रिनेत्र को ताकानोरी के बारे में बताते हैं और समाधी लेने का निर्णय लेते हैं 

अध्याय 06 - गँगटोक में अनाथाश्रम में पाँच बच्चों को गुप्त-शक्ति साधने की शिक्षा दे रहा है, वहाँ आभा मेहमान है 

अध्याय 07 - त्रिनेत्र बाबा की सहायता करने असम जायेगा, बच्चे भी उसके साथ जाना चाहते हैं। पता चलता है कि आभा के पास एक विचित्र गुप्त शक्ति है

अध्याय 08 -  त्री और बच्चे आभा को समझाते हैं कि गुप्त-शक्तियाँ क्या होती हैं और उन्हें कैसे साधते हैं

अध्याय 09 -  मजूली के वृद्धाश्रम में जामुन बाबा जीवित समाधी ले रहे हैं, उन्हें देखने आसपास के लोग जमा होते हैं 

अध्याय 10ताकानोरी को बाबा के वृद्धाश्रम का पता चल जाता है, वह अपने साथियों के साथ वहाँ मूर्ति खोजने आता है 

अध्याय 11 - त्रिनेत्र और नन्हे यौद्धा जामुन बाबा के आश्रम के लिए चलते हैं तो आभा भी उनके साथ जाना चाहती है

अध्याय 12 - ताकानोरी के गुँडे जामुन बाबा के बारे में वृद्धाश्रम में बूढ़ों से पूछताछ करते हैं और उन्हें धमकाते हैं

अध्याय 13 - गँगटोक से मजूली यात्रा में आभा मणिपुर के अपने जीवन के बारे में बताती है

अध्याय 14 - ताकानोरी के आदमी रात को बाबा की समाधी को खोद रहे हैं, लेकिन यह काम थोड़ा कठिन है 

अध्याय 15 - त्री, बच्चे और आभा रात को मजूली पहुँच कर एक घर के तहखाने में छिप जाते हैं 

अध्याय 16 - मजूली वाले घर में नीचे एक गुप्त सुरंग है जो जँगल में एक वृक्ष में खुलती है, वहाँ से त्री, रंगनाथ और गार्गी ... 

अध्याय 17 - त्री, रंगनाथ और गार्गी भेस बदल कर वृद्धाश्रम में जा कर बाबा की समाधी की जाँच करने जाते हैं 

अध्याय 18 - त्री जगदीश बाबु से बात कर रहा है, इधर ताकानोरी उसके साथियों को उठा कर ले जा रहा है 

अध्याय 19 - अपने बंदियों को नारायणपुर ले जाते हुए ताकानोरी को आभा की गुप्त-शक्ति का अहसास होता है

अध्याय 20 - नारायणपुर में अपने घर जा कर ताकानोरी आभा को अपने कमरे में खाने पर बुला कर प्रश्न पूछता है

अध्याय 21 - त्री और गार्गी नारायणपुर आते हैं, त्री अदृश्य हो कर ताकानोरी के घर में घुस कर आभा और बच्चों से मिलता है

अध्याय 22 - ताकानोरी समझ जाता है कि त्री उसके घर में आया है, वह आभा, तृप्ति व वसंत से पूछताछ करता है 

अध्याय 23 - त्री ताकानोरी से मिलने आता है और उसे अपनी शक्ति दिखा कर उससे एक वचन लेता है 

अध्याय 24 - त्री, आभा और ताकानोरी बाबा की कविता-पहेली का अर्थ समझने की कोशिश करते हैं 

अध्याय 25 - शंखासुर की पहाड़ी की खोज में त्री और ओरी पहले लखमीपारा की ओर जाते हैं 

अध्याय 26 - त्री और ताकानोरी की जंगल में गैंडा-सींग चुराने वाले तस्करों से टक्कर होती है

अध्याय 27 - तस्करों से मुठभेड़ के बाद त्री और ओरी मोटरबोट पर छुपते हैं जहाँ वसंत और गार्गी मूर्ति की खोज का ... 

अध्याय 28 - त्री, ओरी और आभा डमरू द्वीप की ओर निकल पड़ते हैं लेकिन वहाँ के घड़ियालों का सामना कैसे करेंगे ..

अध्याय 29 - त्री और ओरी डमरू द्वीप की गुफाओं में शक्तिवाहिनी प्रतिमा की खोज में जाते हैं 

अध्याय 30 - डमरू द्वीप से लौट कर ओरी जापान लौट जाता है और त्री अपने गुरु जी की खोज पर निकलता है

अध्याय 31 (अंतिम अध्याय): गुरु जी और त्री देवी प्रतिमा के सारे रहस्य खोलते हैं 

उपन्यास डाउनलोड कीजिये

देवी प्रतिमा के रक्षक - पी.डी.एफ. (4 MB)

देवी प्रतिमा के रक्षक - मोबी (अमेज़न किन्डल के लिए) (1.6 MB)

देवी प्रतिमा के रक्षक - इपब (एंड्रोयड फोन, टेबलेट, विन्डो, लीनुक्स, आदि के लिए) (5.9 MB)

उपन्यास के बारे में आलेख

इस उपन्यास के बारे में आप मेरे यह आलेख भी पढ़ सकते हैं:

धारावाहिक उपन्यास इस ब्लॉग पर (28 मई 2026) 

एक नया फैंतासी उपन्यास  (20 मार्च 2026)

 

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